चिट्ठी आती थी रोज़ ,
पर उसपे मेरा नाम नहीं था I
मिलता था वो मुझसे रोज़ ,
पर मेरे लिए कोई पैगाम नहीं था I
ख्वाब,सपने, सब थे दुनिया में ,
पर मेरे लिए उनका कोई काम नहीं था I
मैंने तो शुरू किया था मेरी तरफ से,
पर इस कोशिश का कोई अंजाम नहीं था I
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