Thursday, October 8, 2026

कुछ लोग...

 जीते तो हैं सब लोग,

पर ज़िन्दगी को दूर से तकते हैं कुछ लोग I 

दौड़ते तो है सब लोग,

पर मंज़िल को दूर से तकते हैं कुछ लोग I 

संवारते तो हैं सब लोग,

पर ज़िन्दगी को उजड़ते देखते हैं कुछ लोग I 

कौन हैं ये कुछ लोग ?

आप नहीं जनाब ,

ये हम हैं, हम हीं हैं वो कुछ लोग I 

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