Thursday, October 8, 2026

लिखना है तो कलंदर से सीखो...

 लिखना है तो कलंदर से सीखो ,

जो रोज़ गहरे डूबता और निखरता है I 

जीना है तो समंदर से सीखो ,

जो रोज़ आग उगलता और निगलता है I

###

No comments:

Post a Comment