लिखना है तो कलंदर से सीखो ,
जो रोज़ गहरे डूबता और निखरता है I
जीना है तो समंदर से सीखो ,
जो रोज़ आग उगलता और निगलता है I
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सुन्दर
धन्यवाद मनोज जी !
सुन्दर
ReplyDeleteधन्यवाद मनोज जी !
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