Saturday, October 3, 2026

सोचा था एक घर बना लूंगा...

 सोचा था एक घर बना लूंगा ,

सोचा था एक असर बना लूंगा  I 


न घर बना  ना असर बना ,

जीवन टूटा शहर बना I 

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2 comments:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर रविवार 04 अक्टूबर 2026 को लिंक की गयी है....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!


    !

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  2. बहुत बहुत आभार रविंद्र जी I

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