Wednesday, November 4, 2026

हमने ज़िन्दगी नहीं जहन्नुम जी है...

 

हमने ज़िन्दगी नहीं जहन्नुम जी है ,

जो हम पे टुटा है, उसमें पहाड़ हीं नहीं, आसमान भी है ,

रास्तों में पत्थर, मंज़िलें धुंधली,

इतना हीं नहीं हमारी यात्रा में घोर अपमान भी है I


हम भी हसरतें रखते थे, ख्वाब बुनते थे ,

पर हमारी कहानी में ख्वाब चुराने वाले बेईमान भी हैं I

ऐसा नहीं है की दुनिया खाली है इंसानों से ,

अगर हम आज ज़िंदा हैं तो ज़िन्दगी में कुछ मेहरबान भी हैं I

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