Wednesday, September 23, 2026

आज एक बूंद ओस मिली है...


आज एक  बूंद ओस मिली है,

प्यासे को बस बरबस मिली है I 

आज शाख पे कली खिली है,

आज राख में रौशनी मिली है I

आज सूरज की एक किरण मिली है,

आज ख़ुशी से आँखें गीली हैं I 

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6 comments:

  1.  आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में आज बुधवार 14 अक्तूबर, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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