आज एक बूंद ओस मिली है,
प्यासे को बस बरबस मिली है I
आज शाख पे कली खिली है,
आज राख में रौशनी मिली है I
आज सूरज की एक किरण मिली है,
आज ख़ुशी से आँखें गीली हैं I
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